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Saturday, 21 September 2013

कालेज के लिए युवाओं को एकजुट होकर करना होगा संघर्ष : चौहान

सरकारी मशीनरी के सिर ठीकरा फोड़ना काफी नहीं 

कालेज के लिए युवाओं को एकजुट होकर करना  होगा संघर्ष : चौहान
असंध। सरकारी मशीनरी की ढिलाइ और बेरुखी के लिए केवल सरकारी अमले के सिर पर ठीकरा फोड़ने से काम नहीं चलेगा। आमजन और खासकर युवकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों का एहसास करते हुये जनता के हकों की पहरेदारी का काम संभालना होगा। नागरिक जागरूक होंगे तो किसी भी सरकारी विभाग या सत्ता प्रतिष्ठान के उनकी अनदेखी करना संभव नहीं होगा। जनाधिकार चेतना मंच के संयोजक और प्रो. वीरेद्र सिंह चौहान ने नगर के युवाओं से रूबरू होते हुये यह टिप्पणी की। मंच द्वारा स्वामी विवेकानंद के जन्म के  डेढ़ सौवें वर्ष के उपलक्ष्य में चलायी जा रही मुहिम के तहत हुये इस आयोजन में असंध में सरकारी कालेज के निर्माण में आ रही बाधाओं से लेकर शहर की बदहाल  सड़कों के कारण बेहाल हुये जनजीवन पर भी चर्चा हुई। 

प्रो.चौहान ने कहा कि असंध में सरकारी कालेज की स्थापना हो , यह यहाँ के लोगो का अधिकार हैं। मगर आमजन जब तक केवल राजनेताओं के भरोसे बैठे रहेंगे कुछ हासिल नहीं होगा । इस हक को हासिल करने के लिए  संघर्ष  करना होगा । और इस संघर्ष की कमान युवा पीढ़ी को संभालनी होगी जिसका अपना भविष्य दांव पर हैं।

 कार्यक्रम में मौजूद युवकों से प्रो. चौहान ने पूछा कि क्या दिलों में अधिकारों की प्राप्ति के लिए दर्द जगाए बिना हाथ पर हाथ रख कर बैठने से कुछ हासिल होगा ? उन्होने कहा कि यदि ऐसा होता तो  असंध में सरकारी  कालेज कभी का बन गया होता।

प्रो. चौहान ने कहा कि इस से ज्यादा खेद कि बात भला क्या होगी कि सौ से अधिक पंचायतें , नगर पालिका, दर्जनों सामाजिक संस्थाएं , ज़्यादातर राजनीतिक दल और बार असोसियेशन तक एक सुर में ये हक मांग रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होने कहा कि कालेज आंदोलन के लिए अब युवाओं को आगे आना होगा। 

उन्होने इलाके के सभी सामाजिक ओ राजनीतिक  संगठनों में सक्रिय युवाओं का आवाहन किया कि कुछ समय के लिए अन्य सभी मामलों में अपने मतभेदों को दरकिनार कर इस मामले पर एकजुट हो जाएँ। सब अपने अपने संगठनों कि और से राज्य सरकार को खत लिख कर सत्ताधीशों के दरवाजे पर दस्तक दें।  उन्होने कहा कि 23 सितंबर को असंध में नौजवानों की एक सभा का आयोजन किया जाएगा जिसमे  हरियाणा शहीदी दिवस पर बलिदानी पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के बाद कालेज के लिए भावी संघर्ष की व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। 

सभा में मनोज कौशिक,एडवोकेट नरेंद्र शर्मा , मंदीप राणा, अंकुश ,अजय कुमार , जोगिंदर सिंह खिजरबाद ,हरभजन सिंह मल्होत्रा , राजेन्द्र अरड़ाना , अश्वनी , गुरदीप नरूला व अमित कुमार आदि भी मौजूद थे।

Monday, 16 September 2013

युवाओं को हो भारतीय संस्कृति पर गर्व : चौहान

निर्माण कार्यों की  मंथर गति ने घोट डाला है लोगों का  दम : प्रो. चौहान
कभी भी फूट सकता है सब्र का  पैमाना
असंध। शहर में विकास कार्यों की  मंथर गति के  कारण नागरिक  का जीवन बहुत कष्टमय हो चला है। पहले सीवरेज डालने की दो बरस से अधि· चली दर्दना· प्रकरिया ने लोगों का  जीना मुहाल किए  रखा। अब करनाल  रोड़ के  निर्माण के  नाम पर लोगों को  धूल और गड्ढों का  उपहार दे·र ठेकेदार और संबंधित विभाग के  अफसरान लंबी तान कर सो रहे हैं। इसके  चलते आमजन के आक र ोश का  पारा सातवें आसमान पर पंहुच चुका  है। जनाधिका र चेतना मंच के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने आज करनाल रोड़ पर दूकानदारों के  साथ इस मसले पर संवाद के  बाद ए· पत्रकार वार्ता में यह टिप्पणी की । वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी नरेंद्र शर्माके  साथ पत्रकारों से रूबरू हुए प्रो. चौहान ने कहा  कि  विका स कार्यों के  कारण  सड़को  की  तोडफ़ोड़ होना स्वाभावि· है मगर निर्माण कार्यों को  बरसों और महीनों तक लटकाया जाना आम लोगों को उत्पीडऩ है। उन्होंने कहा कि  इसके  लिए जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों को  दंडित कि या जाना चाहिए। प्रो. चौहान ने कहा कि  करनाल रोड़ के  निर्माण के  लिए सड़को  को   कई  कई इंच खोद डाला गया है। इस खुदाई को  हुए करीबन महीना हो गया। ठेकेदार और विभागीय अधिकारी लोगों की  परवाह करते और मुस्तैद होते तो अब तक  सड़क बन कर तैयार हो गई होती। प्रो. चौहान ने कहा की  टूटी और खुदी हुई सड़के  के  कारण इसके  दोनों ओर के  दूकानदारों और रिहायशी इमारतों में रहने व काम करने वालों की  नाक  में दम आया हुआ है। अनेक  लोग दमा के  शिकार हो रहे हैं।
प्रो. चौहान और नरेंद्र शर्मा ने कहा की  सीवरेज डालने के काम के  दौरान करीब दो बरस से इसी प्रकार की  दुर्गति शहर के  दूसरे इलाको  के बासिंदे भी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा की  प्रशासन अब भी नहीं जागा और जल्द सड़के  बनाने के  काम  को  पूरा नहीं किया गया तो मजबूरन आमजन को  सड़को  पर उतरना होगा। सरकारी कॉलेज  के  निर्माण के  मामले में पूछे गए ए· सवाल के  जवाब में उन्होंने कहा कि मंच ने ग्राम पंचायतों, बार एसोसिएशन, दर्जनों सामाजिक संस्थाओं और नगर पालिका  सदस्यों की  भावनाएं सांसद डा. अरविंद शर्मा , रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक  पंहुचाई हैं। मगर इस दिशा में अब तक किसी  प्रगति के  कोई संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा की इस संबंध में जिले के  दौरे पर आए दीपेंद्र सिंह हुड्डा को  नए सिरे से एक  ज्ञापन गत दिवस गोंदर में सौंपा गया। चौहान ने कहा की ऐसा प्रतीत होता है कि  इलाके  के  लोगों को  इसके  लिए आंदोलन की  राह पकडऩी होगी। जयसिंहपुरा में आईटीआई भवन के  निर्माण का  काम प्रारंभ न होने पर भी उन्होंने चिंता प्रकट की । एक  सवाल  के  जवाब में उन्होंने कहा की जनाधिकार चेतना मंच लोगों को  उनके  अधिकारों के  प्रति जागरूक  करने  के काम में जुटा हैं। इस काम  में जुटने के  लिए नौजवानों को  स्वामी विवाक्नंद के  जीवन से प्रेरणा लेकर संघर्षरत होने का आवाहन किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में मंच के  जिला संयोज· मंदीप  सिंह और अंकुश  राणा भी मौजूद थे।


कॉलेज में बच्चो का किया मार्गदर्शन



Friday, 16 August 2013

रामबन से किश्तवाड तक साजिशों का सफ़र

 वीरेन्द्र सिंह चौहान
जम्मू-कश्मीर में भारत विरोधी तत्व कितनी चतुराई से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं, इसके दो प्रमाण बीते एक माह के दौरान सतह पर आए हैं। दोनों ही मामलों में राज्य में तिरंगा थाम कर भारत माता की जय बोलने वालों को मात मिली है। पहली घटना रामबन में सीमा सुरक्षा बल को बदनाम करने की साजिश में अलगाववादियों की कामयाबी के रूप में देखने को मिली थी। अब दूसरी घटना बीते शुक्रवार को ईद की नमाज के बाद किश्तवाड़ में एक समुदाय के लोगों और उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की है। इन दोनों ही मामलों में पाक-परस्तों के निशाने पर वह लोग हैं जिनके कारण जम्मू -कश्मीर भारत के साथ जुड़ा हुआ है।

हमारा अभिप्राय भारतीय सुरक्षा बलों और राज्य के देशभक्त नागरिकों से है। कौन नहीं जानता कि यह दोनों पक्ष पाकिस्तान-पालित आतंकियों और दूसरे अलगाववादियों को फूटी आंख नहीं सुहाते। इसलिए सरहद के उस पार भी और इस पार भी निरंतर इस बात के प्रयास चलते रहते हैं कि इनके मनोबल पर किसी न किसी रूप में कुठाराघात जारी रहे। मनोबल तोडऩे की साजिशें पाक-परस्तों द्वारा इतनी बारीकी से रची जाती हैं कि उसका हिस्सा बनने वाले आम लोगों को भी संभवत: इसकी भनक न लगती हो। और अनेक बार तो यूं लगने लगता है कि राज्य सरकार भी कहीं न कहीं इन देश-विरोधी तत्वों की ही मौन हिमायती है। किश्तवाड़ की घटना के दिन राज्य के गृहमंत्री किचलू का डाक-बंगले में मौजूद रहना, पुलिस का बहुत देरी से हरकत में आना और सेना की सहायता सब-कुछ लुट-पिट जाने के बाद लिया जाना महज संयोग नहीं हो सकता।
आजादी के अर्थ बताए तो कोई ?
कहां मिलेगी,राह दिखाए तो कोई?

जिसे देखिये बंधक और बेचारा है।
सच की खातिर लडऩा किसे गवारा है?

गिरवी है हर कलम, शब्द अरू छन्दे बिके।
इसी लिए मुख बन्द और सब शीश झुके।।

कथनी-करनी एक रहे यह नारा है।
किस ने निज जीवन में इसे उतारा है।।

रिश्ते-नाते बनते हैं बाजारों में।
सिमट गया संसार कनक दीवारों में।।

मुक्ति का नव मंत्र सुझाए तो कोई।
आजादी के अर्थ बताए तो कोई।।
                                                                                                        - वीरेन्द्र सिंह चौहान

Monday, 20 May 2013

धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती

चोचड़ा।  हर साल की भांति इस वर्ष भी गांव में भगवान परशुराम की जयंती सामूहिक रूप से और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। सुबह गांव-खेड़े पर जमा होकर ग्रामीणों ने सबसे पहले यज्ञ किया। सरपंच महेंद्र शर्मा ने इस आयोजन की अध्यक्षता की। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ब्रह्मतेज और क्षात्र तेज दोनों की प्रतिमूर्ति थे। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हम सबको अन्याय के खिलाफ संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम  और उनके जैसे अन्य महापुरूषों को बिरादरियों तक सीमित करना उनका अपमान है। यह दिव्य विभूतियां और उनके संदेश समूचे देश,समाज और मानवता की धरोहर हैं। ग्रामवासी  संदीप शर्मा ने बताया कि हवन के बाद भंडारे का आयोजन भी हुआ। साथ ही एक कुश्ती प्रतियोगिता भी हुई। इसमें गांव के करीब तीन दर्जन खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया।शर्मा ने बताया कि गाँव में सब बिरादरियों के लोग इस सालाना  समारोह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है। उन्होंने बताया कि  सरपंच महेंद्र शर्मा ने सत्यवान व अन्य विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सभी समुदायों के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर राम निवास, रामापाल पांचाल, संदीप शर्मा, कर्मबीर पीटीआई व राजेश आदि भी मौजूद थे।

विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं: सुनील

रीना चौधरी/अंकुश राणा
असंध।
सुनील कुमार कहते हैं कि उनके कार्यकाल में और स्थानीय विधायक के सहयोग के कारण असंध को सीवरेज का तोहफा मिला है। इसका करीब पिचासी प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सीवरेज डलने के दौरान टूटी गलियों व सड़कों को जनस्वास्थ्य विभाग से मिलने वाले पैसे और पालिका के अपने फंड से साथ साथ ठीक किया जा रहा है। सामुदायिक केंद्रों के निर्माण को भी वे अपने कार्यकाल की उपलबिधयों में शुमार करते हैं।
पालिका अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए खास प्रयास किए हैं। अब ठेकेदार के तीस कर्मचारी नगर की सफाई व्यवस्था को संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें अभी सुधार की काफी गुंजाइश है मगर पहले की तुलना में स्थिति काफी सुधरी है। कस्बे को सुंदर बनाने के लिए वे मुख्य मार्गों पर बड़ी लाइटें लगावाने और जल्द से जल्द बड़ा पार्क बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हैं। सुनील कुमार के अनुसार पार्क के लिए बहुत जल्द राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेज कर विशेष अनुदान मांगा जाएगा। उनका कहना है कि ऐसे कामों पर अधिक धन व्यय होता है और राज्य सरकार के अनुदान के बिना उन्हें सिरे चढ़ाना संभव नहीं।
एक सवाल के जवाब में पालिका अध्यक्ष ने कहा कि असंध में गरमी के मौसम में भी पीने के पानी की  किगत अमूमन नहीं होती। जन स्वास्थ्य विभाग पिछले कई माह से पुरानी पतली पाइपों के स्थान पर अधिक व्यास की पाइपें लगाने के काम में जुटा है। यह काम पूरा होने पर पानी की आपूर्ति में और सुधार आएगा। असंध में सरकारी कालेज की स्थापना के सवाल पर पालिका अध्यक्ष दावा करते हैं कि विधायक जिले राम शर्मा इसके लिए प्रयासरत हैं और जल्द असंध को यह तोहफा भी मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि जय सिंह पुर में आईटीआई का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होने जा रहा है। उनका दावा है कि चूंकि वे साधारण परिवार से तागुक रखते हैं, इसलिए आम आदकी की समस्याओं को बखूबी समझते हैं। अपने मौजूदा कार्यकाल को बतौर अध्यक्ष वे एक यादगार कार्यकाल बनाने के इच्छुक हैं।
असंध नगर पालिका के अध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि असंध को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए वे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे।  शहर में सीवरेज डलने और सड़कों व गलियों के निर्माण का काम जोरों पर है। बहुत जल्द यह पूरा हो जाएगा और इसके साथ ही धूल-मिट्टी व गड्ढ़ों की समस्या भी दूर हो जाएगी। साप्ताहिक जन सरोकार से विशेष बातचीत में सुनील कुमार ने दावा किया कि असंध नगर पालिका के पास विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई किगत नहीं है। चालू वित्त वर्ष का बजट लगभग पचास लाख रूपये का है। विधायक जिले राम शर्मा के प्रयासों से विकास के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार से पर्याप्त अनुदान मिला है।

Friday, 10 May 2013


ड्रैगन की दादागिरी के सामने दिल्ली की दरियादिली ....

वीरेंद्र सिंह चौहान 

कई सप्ताह तक हमारी जमीन पर तंबू गाड़कर दादागिरी दिखाने वाले चीनी आखिर अपना सामान समेट कर वापस लौट गए हैं। वे कितना पीछे लौटे हैं, इसको लेकर अभी परस्पर विरोधी खबरें आ रही हैं। एक सूचना उनके दोनों देशों के बीच की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लौट जाने की है। दूसरी रिपोर्ट कहती है कि ड्रेगन के सशस्त्र दूत अभी सरहद के इस ओर ही हैं। जमीनी सच्चाई जो भी हो, दोनों देशों की ओर से आधिकारिक बयान यही आए  हैं कि सीमा पर कायम रही तनातनी कूटनीतिक संवाद के सहारे दीर्घकालिक हितों के मद्देनजर समाप्त कर दी गई है। 
दिल्ली दरबार द्वारा इस कथित कामयाबी पर डींग न हांका जाना सुखद है। पर कुछ सवाल हैं जिनके जवाब अभी तलाशे जा रहे हैं। एक बड़ा सवाल यह है कि संकट सचमुच टल गया है या अभी कायम है? हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा लगाते-लगाते पंडित नेहरू की पीठ में छुरा घोंपने वाले चीनियों पर आखिर कितना भरोसा किया जा सकता है? प्रश्र यह भी है कि चीनी पीछे हटे हैं तो किस शर्त या कीमत पर ? चीनियों को जानने-समझने वाले कह रहे हैं कि वे पीछे हटे हैं तो तय मानिए कि कहीं न कहीं कुछ ऐसा घटित हुआ है जो भारत के लिए घाटे का सौदा होगा।
बहरहाल,चीनी अपने तंबू उखाड़ कर पीछे हटे हैं, इस तथ्य पर विवाद नहीं है। वे कितना पीछे गए हैं, इस पर भारत सरकार को देशवासियों के सामने सही तथ्य बिना समय गंवाए प्रस्तुत करने चाहिएं। चीन ने पीछे हटने के लिए हमारे कूटनीतिज्ञों या वार्ताकारों के जरिए क्या  कीमत वसूली है, यह भी देश को बताया जाना चाहिए। वरना उन कयासों को ही बल मिलेगा जिनमें आशंका जताई जा रही है कि लद्दाख की सीमा पर हुए ताजा विवाद में भारत ने कुछ न कुछ खोया अवश्य है। चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली आज भी इस मसले पर रहस्यमयी-सी चुप्पी साधे हुए है।

Tuesday, 7 May 2013

धरोहर का स्मरण .....अमर उजाला से साभार

पृथ्वीराज चौहान के किले का भ्रमण 
तत्परता कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चे पहुंचे, जानकारियां जुटाईं
अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को कक्षा तत्परता कार्यक्रम के तहत इतिहास के विद्यार्थियों ने तरावड़ी स्थित पृथ्वीराज चौहान के ऐतिहासिक किले और शीशगंज गुरुद्वारे का भ्रमण किया। प्रधानाचार्य संतोष बैरागी की अध्यक्षता में सभी बच्चे पृथ्वीराज चौहान केे ऐतिहासिक किले में पहुंचे और किले के बारे में रोचक जानकारियां हासिल कीं। छात्र-छात्राओं को संतोष बैरागी ने मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुए युद्ध के बारे में भी जानकारी दी।
अध्यापक अनीता सिंह और सूमा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि तरावड़ी शहर का जिक्र अकसर इतिहास के पन्नों में आता हैं। उन्होंने बताया कि पृथ्वीराज चौहान का यह ऐतिहासिक किला शहर में 800 वर्ष पुराना है। इसके अलावा बच्चों को शीशगंज गुरुद्वारे का भी भ्रमण कराया गया। गुरुद्वारे में सभी बच्चों ने माथा टेका और मन्नत मांगी। इस मौके पर दिव्या, गायत्री, सोनिया, सूमा, अनीता के अलावा अन्य अध्यापक के साथ-साथ सभी विद्यार्थी मौजूद रहे।